नकारात्मक विचार

सम्पूर्ण और प्रभावी व्यक्तित्व की जब भी बात होती है तो ज़ेहन में एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन की छवि ही आती है, यानि केवल शरीर के सुडौल और स्वस्थ होने की स्थिति ही व्यक्तित्व को बयां नहीं करती है बल्कि आपका स्वभाव और व्यवहार भी इसमें शामिल होता है। मन में आने वाले विचारों की प्रकृति ही तय करती है कि आप किस प्रकार के व्यक्तित्व के धनी है। दिमाग में आने वाले विचार दो तरह के होते हैं, सकारात्मक विचार जो आपको आनंद और ऊर्जा से भर देते हैं और नकारात्मक विचार जो आपको निराशा और तनाव के समंदर में डूबो देते हैं। अनेक प्रयासों के बाद भी आप अपने दिमाग में आने वाले इन विपरीत विचारों को रोकने में सफ़ल नहीं हो पाते हैं और इसके चलते आपकी निराशा और तनाव और भी ज़्यादा गहरे होते जाते हैं। रिसर्च बताते हैं कि रोज़ाना हमारे दिमाग में आने वाले विचारों की संख्या करीब 60,000 होती है और इनमें से 70-80 % नकारात्मक विचार ही होते हैं जो हमारे जीवन को विपरीत तरीके से प्रभावित करते हैं और हम इनसे अनजान, अपने जीवन की मुश्किलों का ज़िम्मेदार भाग्य को मान लेते हैं जबकि इसके लिए जिम्मेदारी तो हमारे दिमाग की है और अपने दिमाग...